Thursday, 12 October 2017

शीघ्रपतन का कारण और इसका इलाज बिना दवा के- Premature Ejaculation Best Treatment in Hindi

शीघ्रपतन की समस्या आज लगभग हर पुरुष की समस्या है, और पुरुष इस समस्या के समाधान के लिए कई प्रकार की दवाए भी लेते है! दवाइया उन्हें अक्सर कुछ समय के लिए ही मदद कर पाती है! इसका प्रमुख कारण और वजह क्या है और इससे केवल पुरुष ही प्रभावित होते है या महिलाये भी? आइये जानते है इससे जुड़े कुछ जरूरी तथ्य और समाधान...

शीघ्रपतन क्या है? What is Premature Ejaculation

जब कोई पुरुष शारीरिक संबंधो के समय अपने चरम पर पहुचने से पहले ही लिंग पर नियंत्रण खो कर देता है और उसका शीघ्र ही वीर्यपात हो जाता है तो उसे शीघ्रपतन कहते है! ऐसा होने पर औरत और मर्द दोनों चरमोत्कर्ष और प्यार का सुख नहीं ले पाते है! और लड़के की पार्टनर असंतुष्ट रह जाती है व पुरुष को कुंठा और निराशा होने लगती है! दोनों के लिए प्यार के वो पल बुरा स्वप्न जैसे हो जाता है!
पुरुषो की सेक्स से जुडी आम समस्या है और अधिकतर लोग इससे परेशान और जूझते हुए देखे जाते है!

शीघ्रपतन क्यों होता है और इसकी प्रमुख वजह क्या है? Reason of Premature Ejaculation

अक्सर शीघ्रपतन की मुख्या वजह शारीरिक कम मानसिक ज्यादा होती है! लोगो में दोनों या दोनों में से कोई भी एक समस्या हो सकती है!
ज्यादातर अनुभवहीन और नव युवा और वयस्कों को इस समस्या से अधिक ग्रसित देखा जाता है! जो लड़के व व्यस्क सेक्स की शुरुआत कर रहे होते है उनके दिमाग में अक्सर बिस्तर पैर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का डर अधिक होता है!

जबकि इसमे अनुभव की अधिक जरूरत होती है और युवाओ की उम्र बढ़ने के साथ साथ वो इसमे ठीक और अच्छा प्रदर्शन करने में माहिर हो जाते है! लेकिन फिर भी जरूरी नहीं की इसमे वो कामयाब होंगे ही!
क्योकि इसके पीछे मानसिक वजह भी होती है और अक्सर धार्मिक और सामाजिक प्रष्ठभूमि होती है! जहाँ सेक्स को लेकर हौवा अथवा डर होता है! जिससे युवा मानसिक रूप से उलझनों से गुजरता है! और वह बहुत तनाव, निराशा भर जाता है और अपराध बोध से ग्रस्त हो जाता है! शारीरिक संबंधो में बुरा अनुभव भी उसे परेशान कर सकता है!

इस समस्या का कारण युवक के लिंग के उपरी भाग का अधिक संवेदनशील होना, कोई लम्बी बीमारी अथवा लम्बे समय से किसी दवाई का सेवन, अधिकतर समय शारीरिक संबंधो के बारे में सोचना या लड़की के जनन अंगो के बारे में सोचना, कोई चोट लगना, मानसिक बिमारी, ड्रग्स, या शरीर में हार्मोन से जुडी समस्या का होना भी हो सकता है! जिसके कारण व्यक्ति में दिलचस्पी और आकर्षण का अनुभव ना होना हो सकता है!

शीघ्रपतन से बचने के लिए क्या कर सकते हैं? What is the Best Cure

अधिकतर मामलो में व्यक्ति स्खलन की समस्या से बचने लिए इस पर नियंत्रण विकसित करना सीख कर इस समस्या से निजाद पा सकता है! विश्राम, अथवा ध्यान बांट कर भी इस परेशानी को दूर करने में मदद मिलती है! सबसे कारगर तरीका आपस में समन्वय और स्खलन गति में परिवर्तन के जरिये इसे नियंत्रित किया जा सकता है!

आप जैल, क्रीम, व कंडोम का प्रयोग करके भी शीघ्रपतन में कमी ला सकते है! इनसे आपको संवेदनशीलता में कमी होती है जो इस समस्या में कारगर होती है!

शीघ्रपतन दोनों पार्टनर के लिए बड़ी समस्या- Problem for Both Partners

शीघ्रपतन किसी भी लड़के और उसकी प्रेमिका, अथवा पत्नी  के लिए बहुत बड़ी समस्या व किसी बुरे सपने की तरह हैI व्यक्ति जब किसी दबाव अथवा पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने की सोच के साथ सेक्स करता है तो उसे इसमे नाकामयाबी मिलती है और उसे इसमे आनंद का अनुभव नहीं हो पता है दोनों पार्टनर्स को असंतुष्ट ही रहना पड़ता है जिससे उनमे कुंठा, बेचैनी, गुस्सा, लड़ाई झगडा होने लगता है!

पुरुष को अपने पर्त्ने के सम्मुख ग्लानी होने लगती है और वो शारीरिक संबंधो से बचने की कोशिश करने लगता है! वो अपने साथी को संतुष्ट न कर पाने और इसका भरपूर आनंद न दे पाने के कारण मानसिक रूप से परेशान और दुखी होकर भटक जाता है!

समस्या पुरुषों तक ही सीमित नहीं- Women also Face Premature Ejaculation

एक रिसर्च के अनुसार बताये गए परिणमो का कहना है की ये समस्या स्त्रियों को भी तकलीफ देती है और उन्हें भी इस समस्या से लड़ना पड़ता है! लगभग 40% महिलाएं भी अपनी इच्छानुसार चरम सुख प्राप्त नहीं कर पाती है, जबकि 3 फीसदी महिलाओं ने पुरुषो की तरह शीघ्रपतन की समस्या से जूझने का दावा किया है!

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Thursday, 5 October 2017

वेजिना में होने वाले इंफेक्शन को रोकने के 10 तरीके

इस्ट औऱ फंगस हमारे वेजिना में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता हैं, लेकिन जब इनकी असामान्य रूप से संख्या में वृद्धि होने लगती है तो यह वेजिना में संक्रमण के कारण बनते हैं। इसी के कारण वेजिना में सूजन, पेशाब करते समय दर्द व जलन और खुजली की समस्या होने लगती है। वेजिना में होने वाला यह संक्रमण आपके लिए एक बहुत ही बड़ी समस्या बन सकता हैं वैसे तो वेजिना में होने वाले संक्रमण के लिए आप डॉक्टर के पास जा सकते है लेकिन अगर आप इस संक्रमण को समय पर ही रोक दे तो आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नही पड़ेगी। इस बात को तो आप भी मानेंगे कि इलाज से बेहतर रोकथाम होता है। आज हम आपको वेजिना में होने वाले इन संक्रमण के रोकथाम के लिए 10 उपाय

1. सूती अंडरवियर का प्रयोग करें
वेजिना इस्ट के संक्रमण से बचने के लिए आप सूती कपड़े से तैयार अंडरवियर का प्रयोग कर सकती हैं। सूती कपड़े की यह खुबी होती हैं कि यह आपकी वेजिना में होने वाली नमी को अवशोषित कर लेता है इतना ही नहीं इससे आपके वेजिना के क्षेत्र तक पर्याप्त मात्रा में हवा भी पहुंचती हैं। जबकि लाइक्रा या नायलॉन की अंडरवियर को पहने से पसीना आता हैं और किण्व का प्रजनन होने लगता है जिससे वेजिना में संक्रमण होने की संभावना ज्यादा होती है।

2. ढीले कपड़े पहनें
अगर आपको लगता हैं कि आपकी वेजिना में संक्रमण की समस्या होने लगी है तो अच्छा होगा की आप तंग कपड़े ना ही पहने उसके स्थान पर जितना हो सके ढीले कपड़ो का ही चुनाव करें। वैसे अगर संभव हो सके तो ढ़ीले कपड़ो में भी सूती कपड़ो का ही प्रयोग करें। इससे आपकी वेजिना में किसी तरह की संक्रमण की समस्या नही होगी।

3. सैनिटरी नैपकिन को एक समय अन्तराल पर जरुर बदलें
अगर आप अपनी सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को 4-5 घंटो के बाद बदलती हैं तो यह आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। मासिक धर्म के दौरान, हर कोई यही सलाह देता हैं कि आपको अपनी सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को 4-5 घंटे से पहले ही बदल देना चाहिए और ऐसा करने के पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारण हैं क्योकि सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को ज्यादा देर तक लगाए रखने से आपकी वेजिना में नमी होने लगती हैं। जिसके कारण आपको संक्रमण की समस्या हो सकती हैं।

4. सुगंधित वेजिना प्रॉडेक्ट का प्रयोग ना करें  
सुगंधित सैनिटरी नैपकिन और टैम्पोन का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। क्योकि इनकी खुशबू से आपके वेजिना में जीवाणुओं का एक असंतुलन बन सकता है और इसी से वेजिना में संक्रमण का खतरा बनने लगता है और इसी कारण डॉक्टर भी खुशबूदार सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन का प्रयोग करने से रोकते है।

5. हर दिन दही खाएं
दही एक ऐसा आहार हैं जो स्वस्थ बैक्टीरिया से भरा हुआ होता है और इस कारण यह आपके वेजिना को संक्रमण से भी सुरक्षित रखता है। अच्छे बैक्टीरिया वेजिना मे होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करते है तो अच्छा होगा की आप हर दिन एक कप दही का जरुर खाएं इससे आपका स्वास्थ भी अच्छा बना रहेगा और आपकी वेजिना में भी किसी भी तरह की समस्या नही होगी।

6. गर्म पानी से ना नाहाएं
वेजिना में संक्रमण की समस्या अधिक नम और गर्म स्थिति में भी होती हैं। अगर आपकी वेजिना के क्षेत्र में गर्मी बनी रहेगी तो आपको संक्रमण की समस्या हो सकती है। अगर आप चाहती है कि आपको इस तरह की समस्या ना हो तो ठंडे पानी से ही स्नान करें तथा अगर आप गर्म पानी का प्रयोग करती भी है तो उसके बाद हमेशा ढीले कपड़े ही पहने।

7. खुद को तनाव मुक्त रखने का प्रयास करें
किसी भी बीमारी या संक्रमण के बढने का सबसे बड़ा कारण आपका तनाव में रहना होता है अगर आप किसी भी ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करेगी जिसके कारण आप तनाव मुक्त रह सके तो आप किसी भी संक्रमण से बच सकती हैं।  इसके अलावा जब आपके शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता है तो आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है जिसके कारण आपका स्वास्थ खराब हो जाता हैं। अपने शरीर को आराम देने के लिए आवश्यक है कि आप पर्याप्त नींद लें। पूरे दिन काम करने के बाद आपके शरीर को कम से कम 7-8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती हैं।

8. स्वस्थ आहार खाएं
जब हमारे शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है तो हमारा शरीर कीटाणुओं और एंटीबॉडी से हमारी रक्षा करने में सक्षम नहीं हो पाता हैं। इसलिए अगर आप संतुलित आहार को अपने भोजन में शामिल करेंगे तो आपके शरीर को हर तरह के पोषक तत्व प्राप्त हो जाएंगे और आपका शरीर मजबूत बन जाएगा और वो किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में भी सक्षम हो सकेगा।

9. योनि को जरुरत से ज्यादा साफ न करें
हालांकि संक्रमण को रोकने के लिए वेजिना को स्वस्थ रखना बहुत जरुरी होता हैं। लेकिन वेजिना को कठोर साबुन से साफ नहीं करना चाहिए क्योकि हमारा वेजिना काफी संवेदनशील होता है तो अगर आप एक कोमल साबुन का प्रयोग करेंगी तो आपके वेजिना को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा।

10. एंटीबायोटिक दवाओं से बचें
अक्सर लोग बैक्टीरिया को खत्म करन के लिए एंटीबायोटिक्स का प्रयोग करते हैं। लेकिन एंटीबायोटिक्स का जरुरत से ज्यादा प्रयोग करने से हमारे शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते है इसलिए जितना संभव हो उतना एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन को सीमित करने का प्रयास करें और जब भी एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग करें तो अपने चिकित्सक से परामर्श जरुर कर लें।

अगर आप इस टिप्स का नियमित रूप से पालन करेंगे तो आप वेजिना में होने वाले संक्रमण से बच सकती है लेकिन अगर आपको वेजिना क्षेत्र में ज्यादा ही परेशानी हो रही है तो आप अपने डॉक्टर से बात कर लें नहीं तो यह समस्या बढ़ भी सकती हैं। वेजिना से संबंधित समस्याओं के बारे में बात करना किसी भी तरह से गलत नही है लेकिन अगर आप उस और ध्यान नही देगी तो आपका स्वास्थ जरुरत से ज्यादा खराब हो सकता हैं।

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Tuesday, 3 October 2017

मधुमेह रोगियों के लिए 10 प्रभावशाली घरेलू नुस्खे

मधुमेह यूं तो एक सामान्‍य बीमारी है, लेकिन यह बार अगर यह हो जाए, तो इससे पीछा नहीं छूटता। आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर इससे बच सकते हैं। आप चाहें तो कुछ घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं, जिससे कि यह रोग नियं‍त्रण में रहे। 

मधुमेह के मरीजों को खानपान का खास ध्यान रखना पड़ता है। यदि मधुमेह रोगी संतुलित खानपान लेंगे तो निश्चित तौर पर उन्हें मधुमेह कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। यदि आप भी मधुमेह से पीडि़त है तो आपको भूख से थोड़ा कम भोजन लेना चाहिए।
इससे ग्लूकोज को उपापचित करने में आसानी होगी। इसके अलावा आप भोजन में मोटा अनाज, दाल का पानी इत्यादि लेंगे तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा। आइए जानें मधुमेह रोगियों के लिए देशी नुस्खे कौन-कौन से है।
  1. मधुमेह रोगियों का आंकड़ा आज दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में आपको समय से पहले ही अपने खानपान पर ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए। खासकर उस समय जब आपके माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को मधुमेह की समस्या हो।
  2. मधुमेह रोगी को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। ऐसे में में वे नींबू पानी लेंगे तो यह उनकी सेहत के लिए और भी अच्छा होगा।
  3. मधुमेह रोगी को बहुत भूख लगती है और बार-बार कुछ न कुछ खाने का मन करता है। आपके साथ भी यदि ऐसा होता है तो कुछ भी खाने के बजाय आप भूख से थोड़ा कम खाएं और हल्का भोजन लेते हुए सलाह को ज्यादा खाएं। यानी आपको बार-बार भूख लगती है तो आप सलाद में खीरे को अधिक मात्रा में खाएं।
  4. मधुमेह रोगी में आंखे कमजोर होने की आशंका लगातार बनी रहती है। यदि आप चाहते हैं कि मधुमेह के दौरान आपकी आंखों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े तो आपको गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है।
  5. मधुमेह के रोगी को तौरी, लौकी, परमल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए।
  6. मधुमेह के दौरान शलगम के सेवन से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। शलगम को न सिर्फ आप सलाद के जरिए बल्कि शलगम की सब्जी, परांठे आदि चीजों के रूप में भी ले सकते हैं।
  7. जामुन मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है। मधुमेह रोगियों को जामुन को अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। जामुन की छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह के दौरान बेहद फायदेमंद हैं।
  8. जामुन की गुठली को बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है। यानी सिर्फ जामुन ही नहीं बल्कि जामुन की गुठली भी मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
  9. करेले का कड़वा रस मधुमेह रोगियों में शुगर की मात्रा कम करता है। मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए। शोधों में भी साबित हो चुका है कि उबले करेले का पानी, मधुमेह को जल्दीए ही दूर करने की क्षमता रखता है।
  10. मेंथी दानों का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन खाली पेट दो चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेना चाहिए। ये मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभाकरी है।
हालांकि ये सभी देशी नुस्खें मघुमेह रोगियों के लिए कारगर साबित होते हैं लेकिन फिर भी इनको लेने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लेना न भूलें।

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Thursday, 28 September 2017

स्तनों के आकार कैसे बढ़ाये

Breast Size  कैसे बढ़ायेसुंदर दिखना हर किसी का सपना होता और ख़ासकर लड़कियों और महिलाओं को इस बात की फिकर बहुत ज़्यादा होती है. अपने चारो और हम आकर्षक काया (figure) वाली Girls और Ladies को देखते है. News, Magazines, Films के Posters और Arts मे Ladies की खूबसूरती को तो और बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जाता है. इस तरह की ladies की काया को ही perfect figure माना जाता है.  ऐसा माना जाता है कि भरे हुए स्तन सुन्दरता को परिभाषित करते हैं एवं एक महिला के नारीत्व को निखारते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है और उनमें खुद के प्रति गर्व का भाव उत्पन्न होता है।

कुछ महिलाओं को कसे हुए स्तनों का वरदान मिला होता है, पर कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनके स्तन छोटे होते हैं। कई लड़किया जिन का Breast Size कम होता है वो बहुत परेशान रहती है. उनका confidence कम हो जाता है. उनके उनपर कोई भी dress अच्छी नही लगती है. लेकिन इससे इतना परेशान होने की ज़रूरत नही है क्योंकि आज हम आपको Breast Size Badhane ke Tarike बताने जा रहे है.

स्तनों का आकार कैसे बढ़ाये

एक महिला के फिगर (figure) मे breast का अपना महत्व (important) होता है. लेकिन हर महिला और लड़की वो attractive figure हासिल नही कर पाती, जिसकी उन्हे चाह होती है. लेकिन कुछ उपाए करके ब्रेस्ट के आकर को बढ़ाकर prefect figure की तरफ एक कदम बढ़ाया जा सकता है. स्तनों को बड़ा करने के कई उपाय और विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें स्तनों की क्रीम (cream), गोलियां (medicine) तथा Hormonal Injection से लेकर महँगी शल्य चिकित्सा तक शामिल है। ये कुछ बेस्ट टिप्स है जिनसे आपके Breast Size Increase करने लगेगी.

1. व्यायाम करने से (Exercise to Increase Breast Size)

व्यायाम जहा हमारे पूरे शरीर को मजबूती और हृष्ट-पुष्ट बनाता है वही हमारी बॉडी के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. Breast size को सुडौल और sexy बनाने के लिए आपको व्यायाम करना बहुत ज़रूरी है. अगर आप कुछ नीचे दिए गये exercise मे से कोई भी रोजाना करते हो तो आपको बहुत फायदा मिलेगा. Exercise करने से आपके body मे खिचाव आता है जिससे जिससे मांसपेशिया खुलती है और जिससे उनके आकर मे परिवर्तन आता है.

2. स्तनों के मसाज (Breast Massage)

स्तनों के आकार बढ़ाने के लिए ब्रेस्ट मसाज सबसे अच्छा तरीका है रोजाना मसाज से आपके ब्रेस्ट तो increase होगा ही साथ मे आपके breast का skin भी अच्छी रहती है. और इससे blood का प्रवाह भी सही से होने लगता हैं. और मसाज करने के कारण breast की मासपेशिया भी खुल जाती हैं. जिसके कारण breast का आकार बढ़ने लगता हैं. मालिश करने से chest के अंदर ब्रेस्ट बढ़ाने वाले hormone बढ़ने लगते हैं. और यही hormone breast का आकार बढ़ाने में भी मदद करते हैं. breast मसाज के लिए अच्छा तेल या आजकल बाजार मे कई तरह की cream मिल रही है जिसका आप doctors की मदद से इस्तेमाल कर सकते है.

3. अच्छा आहार (Food For Breast Growth)

आप अपने आहार को कंट्रोल करके अपने breast को C आकर दे सकती है. breast का size बढ़ाने का ये सबसे आसान तरीका है. जो महिलाये खाने पीने में आनाकानी करती हैं जिसके कारण उनके शरीर में कमी आ जाती हैं. और जिनकी वजह से उनके शरीर के कई parts की सही से देखभाल नहीं हो पाती. इससे अच्छा हैं अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए और अपने अंगो को सही आकार देने के लिए सही ढंग से healthy यानि सेहतमंद आहार लेना चाहिए.
फल, हरी सब्जियाँ और साबुत अनाज का सेवन ज़्यादा से ज़्यादा करें इससे आपको वो काया मिलेगी जो आप हमेशा से पाना चाहती है. आपके breast छोटे है क्यूंकी आपके शरीर मे Estrogen की कमी है और ज़्यादा Testosterone बन रहा है. ऐसे मे आपको अपने hormone को balance करना होगा. एस्टरोगेन के लिए आप अपने diet मे सें, मटर और सोयाबीन को लेना ना भूलें. estrogen आपके breast के cells को बढ़ने मे हेल्प करता है. स्तनों के आकार को बढ़ाने के लिये आपको निचे दिए गये स्वस्थ आहार को ही अपनाना चाहिये –
• फल, सब्जीयाँ और शुद्ध धान्य : आपको फल और हरी सब्जियों का सेवन ही करना चाहिये जैसे सेब, गाजर और ककडी आपके स्वास्थ के लिये बहुत जरुरी है. ये फल और सब्जीयाँ आपके शरीर को जरुरी nutrition प्रदान करती है. साथ ही Testosterone label को भी बढाती है.
• Estrogen से भरपूर आहार : स्तनों के छोटे होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण estrogen की कमी का होना है. लेकिन कुछ ऐसे पदार्थ है जो आपके शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा को बढ़ाते है जैसे की मैथी, सोयाबीन, बीज, चना, dairy products और तेजपत्ता, काली मिर्च, अजवाइन और अदरक.

4. पेय पदार्थ (Drinking Water)
पेय पदार्थ शरीर  के लिए बहुत ही उपयोगी होते है. ज़्यादा मात्रा मे पेय पदार्थ लेने से छाती मे estrogen नाम का hormone वृद्धि करता हैं. जिससे महिलाओ के breast के उत्तक फैलने लगते हैं, और breast का आकार बढ़ाने का ये भी एक तरीका हैं. परंतु ऐसा नहीं हैं के एक दिन में ही ऐसा करने से आपको इस समस्या से निजात मिल जायेगा आपको ये सब रोजाना करना होगा. और धैर्य रखना होगा. जिसके कारण breast का आकार बढ़ने लगता हैं ये प्रक्रिया धीरे धीरे होती हैं.

5. विटामिन (Vitamin)

जी हाँ, Vitamins की कमी के कारण भी आपके Breast Increasing रुक सकती है. जैसा की ह्मने  उपर आपको फलो और सब्जियो के बारे मे बताया है, इन सब Foods मे बहुत Vitamins है जिन की वजह से आपके ब्रेस्ट को ग्रोत मिलेगी. आप Vitamins के capsules भी ले सकते है. नीचे हम आपको बताते है की कों से Vitamins की वजह से breast growth होती है.
विटामिन A
विटामिन B
विटामिन C

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Friday, 22 September 2017

जोड़ों के दर्द का घरेलू इलाज: Amazing Home Remedies for Joint Pain

जॉइंट पैन या जोड़ो का दर्द आजकल एक आम समस्या बन गया है। एक समय था जब एक उम्र के बाद जॉइंट पैन हुआ करता था और इसको बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था लेकिन आजकल की अव्यवस्थित जीवनशैली और अनुचित खान पान के कारण हर किसी के जोड़ो में दर्द की समस्या होने लगी है। शरीर के ऐसे हिस्से जहां दो हड्डियां मिलती हों, जोड़ कहलाते हैं, जैसे घुटने (knee), कंधे (shoulder), कोहनी (elbow) आदि। जोड़ शरीर का अहम हिस्सा होते हैं जिनके कारण उठना-बैठना, चलना, शरीर को मोड़ना आदि संभव हो पाता है।
 ऐसे मे जोड़ों में दर्द होने पर पूरे शरीर का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। यह दर्द पैरों के घुटनों, गुहनियों, गदर्न, बाजुओं और कूल्‍हों में हो सकता है। एक्सरसाइज के अलावा पौष्टिक और हेल्‍दी खानपान आपके जोड़ के दर्द को कम कर के तुरंत आराम दिलाने में मदद करेगा।आइये जोड़ों के दर्द के घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं:

मालिश करें (Massage)

शरीर के किसी भी दर्द में मालिश से बेहद आराम मिलता है, तो यही बात जोड़ों के दर्द में भी लागू होती है। यदि आपको अक्सर जोड़ों में दर्द बना रहता है तो नारियल, जैतून, सरसों या लहसुन के तेल से प्रभावित हिस्से की मालिश करें। हल्के हाथों से दबाव देते हुए दर्द वाले हिस्से को मलें। ऐसा करने से दर्द से राहत मिलेगी।

गर्म और ठंडी सिकाई (Cold and Hot Compress)

जोड़ों के दर्द से निजात के लिए गर्म और ठंडी सिकाई करने से भी बहुत आराम मिलता है। गर्म सिकाई करने से रक्त संचार बेहतर होता है वहीं ठंडी सिकाई से सूजन और चुभन कम होती है। गर्म सिकाई के लिए गर्म पानी की बोतल को टॉवल में लपेट कर जोड़ों की सिकाई करें। और ठंडी सिकाई करने के लिए बर्फ के टुकड़ों को टॉवल में लपेटकर, उस टॉवल से सिकाई करें। सिकाई करते वक्त कम से कम दो से तीन मिनट तक जोड़ों की लगातार सिकाई होनी चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया 15 से 20 मिनट में दोहराएं।

लहसुन (Garlic)

यदि जोड़ों में दर्द है तो लहसुन का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके औषधीय गुण जोड़ों के दर्द, सूजन और जलन को ठीक करते हैं। लहसुन की दो कली हर सुबह खाली पेट पानी के साथ खाएं। खाना बनाने वाले किसी भी तेल में लहसुन की कुछ कलियां डाल कर भून लें। इस तेल को गुनगुना होने तक ठंडा करें और प्रभावित हिस्से की मालिश करें।

हल्दी (Turmeric)

हल्दी के स्वास्थ्य और सौन्दर्य को बनाए रखने वाले गुण किसी से छिपे नहीं है लेकिन अच्छी बात यह भी है कि यह जोड़ों के दर्द में भी उतनी ही प्रभावी है। हल्दी रक्त संचार तेज करके जोड़ों के दर्द से आराम देती है और जोड़ों की अकड़न को भी कम करती है।

अदरक (Ginger)

जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए अदरक भी बेहतरीन प्रभाव दिखाता है। यह हर्ब भी गुणों से भरपूर है जो कि रक्त संचार को तेज करती है जिससे जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। एक दिन में लगभग तीन कप अदरक की चाय पिएं। अदरक की चाय बनाने के लिए पानी में अदरक उबालें और ठंडा करके इसमें शहद मिलाएं। और इसे पिएं। प्रभावित हिस्से की अदरक के तेल से मसाज भी की जा सकती है।

बबूल/कीकर और मेथी पाउडर का सेवन

 बबूल या कीकर की फली को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, इसमें इतनी ही मात्रा में मेथी दाने का पाउडर बनाकर मिला लें। अब दोनों चीज़ों को आपस में अच्छी तरह  मिला लें और इस पाउडर को सुबह- शाम लगभग 1 चम्मच गुनगुने पानी से सेवन करें।

बथुआ के ताजा पत्‍तों का रस (The juice of fresh leaves Bathua)

बथुआ के ताजा पत्‍तों का रस हर दिन 15 ग्राम पिएं। इसमें स्‍वाद के लिए कुछ भी न मिलाएं। खाली पेट पीने से ज्‍यादा लाभ होता है। तीन महीने पीने से दर्द से हमेशा के लिए निजात मिल जाती है।

एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)

एप्पल साइडर विनेगर भी जोड़ों के दर्द से राहत देने में बहुत अच्छा असर दिखाता है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत देता है। एप्पल साइडर विनेगरवमे किसी कपड़े को भिगोकर दर्द वाले स्थान पर लपेंटें और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। दिन में दो बार इस विधि को करें। गुनगुने पानी में 2 कप एप्पल साइडर विनेगर डालकर नहाया भी जा सकता है।

आलू का रस (Potato juice)

जोड़ों में दर्द होने पर हर दिन खाना खाने से पहले से दो आलूओं का रस निकाल लें और पिएं। हर दिन कम से कम शरीर में 100 मिली. रस पीने से आराम मिलेगा।

वजन को नियंत्रित रखें (Maintain your weight)

यदि आपका वजन नियंत्रण में रहेगा तो आपके जोड़ भी स्वास्थ्य रहेंगे। शरीर का ज्यादा वजन घुटनों और कमर पर अधिक दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज (cartilage) के टूटने का डर रहता है। ऐसे में वजन को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।

व्यायाम (Exercise)

जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए व्यायाम को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। तैराकी (swimming) भी जोड़ों के दर्द से राहत के लिए अच्छा व्यायाम होती है।

दूध पीएं (Drink milk)

जोड़ों को मजबूत रखने के लिए दूध जरूर पीएं। दूध से हड्डियों को कैल्शियम और विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। यदि दूध पसंद न हो तो दूध से बने अन्य खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, दही आदि भी खाए जा सकते हैं।

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Friday, 15 September 2017

गुर्दे की पथरी का उपचार

गुर्दे की पथरी, या नेफ्रोलिथियासिस एक कठिन, क्रिस्टलीय खनिज पदार्थ है जो गुर्दे या मूत्र पथ मे होती है। गुर्दा की पथरी आम तौर पर गुर्दे में होती है और मूत्र प्रवाह के साथ शरीर से बाहर निकलती है। एक छोटा पत्थर, किसी भी लक्षण के बिना पार हो सकता है। लेकिन अगर पत्थर 5 मिलीमीटर से अधिक हो जाता है, तो यह मूत्रमार्ग मे रुकावट पैदा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप पीठ के निचले हिस्से या पेट में गंभीर दर्द हो सकता है।
विभिन्न पदार्थों से बने, चार प्रकार के गुर्दा पत्थर होते हैं - कैल्शियम, यूरिक एसिड, स्ट्रुविइट, सिस्टिन हैं। विभिन्न कारक इन पत्थरों के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। आनुवांशिकी और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन के कारण अधिकांश पत्थियां बनती हैं। जोखिम कारक में मूत्र में कैल्शियम का उच्च स्तर, मोटापा, कुछ खाद्य पदार्थ, कुछ दवाएं, कैल्शियम की खुराक, अतिपरजीविता, गाउट और पर्याप्त तरल पदार्थ न मिलना शामिल हैं।

गुर्दे की पथरी के लक्षण

पत्थर के आकार के आधार पर, मूत्र पथ के माध्यम से पत्थर का आंदोलन, अचानक गंभीर दर्द दे सकता है। पीठ के निचले हिस्से, पेट, और पक्ष अक्सर दर्द और ऐंठन की जगह होते हैं। गुर्दा की पथरी के अन्य लक्षणों में मूत्र में रक्त (लाल, गुलाबी, या भूरे रंग के मूत्र), उल्टी, मतली, बदबूदार पेशाब, ठंड लगना, बुखार, पेशाब करने की अक्सर आवश्यकता, छोटी मात्रा में पेशाब करना शामिल हैं।

गुर्दे की पथरी का निदान

गुर्दा की पथरी के निदान के लिए एक पूरा स्वास्थ्य इतिहास मूल्यांकन और एक शारीरिक परीक्षा की आवश्यकता है। अन्य परीक्षणों में शामिल हैं:
- कैल्शियम, फास्फोरस, यूरिक एसिड, और इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए रक्त परीक्षण
- क्रिस्टल, बैक्टीरिया, रक्त, और सफेद कोशिकाओं की जांच करने के लिए यूरीनालिसिस।
- पेट एक्सरे
- अंतःशिरा पियलोग्राम
- पेट का सी-टी स्कैन
गुर्दे की पथरी के लिए उपचार
पत्थर के प्रकार और कारण के आधार पर, गुर्दे की पथरी के लिए उपचार भिन्न होता है।

छोटे पत्थरों के लिए:

छोटे गुर्दा की पत्थरों में से अधिकांश को आक्रामक उपचार की आवश्यकता नहीं होगी। आप इस तरह से एक छोटे से पत्थर पारित करने में सक्षम हो सकते हैं:
- एक दिन में छह से आठ गिलास पानी पीने से
- एक छोटा पत्थर पास होने से कुछ परेशानी हो सकती है, इसलिए हल्के दर्द को दूर करने के लिए, आपका डॉक्टर दर्द निवारक जैसे कि इबुप्रोफेन की सिफारिश कर सकता है।
- आपका डॉक्टर आपको एक अल्फा अवरोधक भी लिख सकता है, जो कि आपके मूत्रवाहिनी में मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे कि आप गुर्दा की पथरी को और अधिक तेज़ी से और कम दर्द के साथ पारित करते हैं।

बड़े पत्थरों के लिए:

गुर्दे की पथरी जो बहुत बड़ी है, उन्हें अधिक व्यापक उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

1. औषधि-प्रयोग:

दर्द से राहत पाने में मादक दवाओं की आवश्यकता हो सकती है। संक्रमण की उपस्थिति होने पर एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज की आवश्यकता है। अन्य दवाओं में शामिल हैं:
- यूरिक एसिड पत्थरों के लिए एलोप्यूरिनॉल
- मूत्रल
- सोडियम बाइकार्बोनेट या सोडियम साइट्रेट
- फास्फोरस समाधान

2. अश्मरीभंजक:

एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिपी बड़े पत्थरों को तोड़ने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है। यह प्रक्रिया थोड़ी दर्दनाक हो सकती है और हल्के संज्ञाहरण की आवश्यकता हो सकती है।

3. टनल सर्जरी (पर्कूटनियस नैफ्रोलीथोटोमी):

पत्थरों को आपकी पीठ में एक छोटी सी चीरा के माध्यम से हटा दिया जाता है और ये तब आवश्यक हो सकता है जब:
- पत्थर बाधा और संक्रमण का कारण बनता है या गुर्दों को नुकसान पहुंचाता है
- पास करने के लिए पत्थर बहुत बड़ा हो गया है
- दर्द को नियंत्रित नहीं किया जा सकता

4. यूरेटेरोस्कोपी:

जब एक पत्थर मूत्रवाहिनी या मूत्राशय में फंस जाता है, तो आपका डॉक्टर एक उपकरण का उपयोग कर सकता है जिसे यूरेरोस्कोप कहा जाता है। संलग्न कैमरे के साथ एक छोटा तार मूत्रमार्ग में डाला जाता है, और मूत्राशय में जाता है। एक छोटा पिंजरा पत्थर पकड़ने और इसे हटाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
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Monday, 11 September 2017

प्राकृतिक लिंग वर्धक

यदि आप लिंग की लम्बाई बढ़ाना चाहते है या आपके छोटे लिंग होने के कारण आपका साथी असंतुष्ट है तब हाशमी दवाखाना ने इसके लिए एक समाधान किया है. लंबे समय के बाद हर्बल दवा में शोध वे एक सूत्र विकसित किया है – सिकंदर-ए-आज़म प्लस हर्बल कैप्सूल. दुनिया भर के सभी लोग इसे प्रयोग कर रहे हैं और संतुष्ट सेक्स जीवन व्यतीत कर रहे हैं . आप इस हर्बल कैप्सूल लेने के बाद की कल्पना कर सकते हैं कि कैसे आप अपने लिंग की लंबाई और परिधि में बड़ा बदलाव करेंगे

जब लिंग वृद्धि के बारे में बात करते हैं, तब एक नाम सिकंदर-ए-आज़म प्लस है जोकि हमेशा मस्तिष्क में आता है. हमें अपने उत्पाद में मजबूती से इतना विश्वास है की हम आप की संतुष्टि के लिए हमारे प्रतियोगियों के बीच आपके लिंग में वृद्धि कर सकने की गारंटी देते हैं, लाखों पुरुषों ने सफलतापूर्वक बड़ा, मजबूत erections हासिल किया है और एक बेहतर सेक्स जीवन वियातीत कर रहे है.

अपने छोटे लिंग को कैसे बड़ा करे ?

सर्वश्रेष्ठ तरीका सिकंदर-ए-आज़म प्लस हर्बल कैप्सूल है
हमारे मिशन पुरुषों के लिए लिंग की इष्टतम स्वास्थ्य की पेशकश है. ऐसा करके, हम उनके आत्म सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता एवं प्रदर्शन को अधिक बेहतर बनाते हैं जब आप सिकंदर-ए-आज़म प्लस उपयोग करेंगे तब आप की समझ में आ जायेगा की क्यों यह सबसे अच्छा उत्पाद है? इसके अतिरिक्त सिकंदर-ए-आज़म प्लस सुरक्षित, अपने यौन स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी और बिना किसी सहप्रभाव के साबित हुआ है. परंपरागत रूप से, चिकित्सा समुदाय आक्रामक नुस्खे या आक्रामक सर्जरी के साथ समस्याओं का जवाब देने के द्वारा एक प्रतिक्रियावादी दृष्टिकोण शिथिलता को ले लिया है. दुर्भाग्य से, इन तरीकों से अक्सर अवांछित और भी खतरनाक दुष्प्रभाव सामने आये हैं.

सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल

सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल स्वाभाविक रूप से लिंग का आकार बढ़ता है और पुरुष लिंग के प्रदर्शन को बढ़ाने मैं काम आता है
उत्तेजित अवस्था में शिश्न की लम्बाई ओर मोटाई बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उत्थान केन्द्र कितना सशक्त है। जैसे ही मस्तिष्क में काम जाग्रत होता है वैसे ही वह उत्थान केन्द्र को लिंग के स्पंजी टिशू में रक्त भेजने का आदेश भेजता है। यदि उत्थान केन्द्र सशक्त है तो वह उसी अनुपात में उतना ही अधिक रक्त लिंग में एकत्रित करने में समर्थ होता है जिसके फलस्वरूप लिंग का आकार उसी अनुपात में बड़ा हो जाता है। अगर उत्थान केन्द्र दुर्बल हो चुका है तो लिंग की लम्बाई, चैड़ाई अपेक्षाकृत कम होती है।
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नपुंसकता की ओर बढ़ रहे युवकों में जहां काम केन्द्र दुर्बल पड़ जाते हैं वहां उत्थान केन्द्र विशेष रूप से प्रभावित होता है और दुर्बल उत्थान केन्द्र पर्याप्त मात्रा में लिंग में रक्त एकत्रित करने में असमर्थ होने के कारण लिंग का आकार प्राकृत रूप में नहीं आ पाता है। जैसे-जैसे उत्थान केन्द्र की दुर्बलता बढ़ती जाती है वैसे-वैसे लिंग की लम्बाई और चौड़ई कम होती जाती है। उत्तेजित लिंग के सामान्य से कम आकार को देखकर निष्कर्ष निकालना चाहिए कि उत्थान केन्द्र निर्बल हो चुका है। यदि यह दुर्बलता बढ़ती रहती है तो एक अवस्था ऐसी आती है जब उत्थान केन्द्र में बिल्कुल रक्त नहीं भर पाता और परिणामस्वरूप लिंग में उत्थान नहीं होता। इसको ही पूर्ण नपुंसकता कहते हैं। ऐसी अवस्था में सिकंदर-ए-आज़म प्लस का प्रयोग करने से उत्थान केन्द्र को मज़बूत करता है तथा लिंग के बड़े प्रकोष्ट (कार्पस केवेरनोसम) में रक्त इकट्टा होने लगता है तथा इस क्रीम के प्रयोग से स्पंजी उतक को मजबूती प्राप्त होती है जिससे यह नसों पर दाब बना कर रक्त को वापस बाहर नहीं जाने देता तथा लिंग का आकर को बड़ा तथा खड़ा रखता है!
सिकंदर-ए-आज़म प्लस से आप अपना लिंग विस्तार तो कर ही सकते है साथ ही साथ अपना सम्भोग समय भी 30 से 35 मिनट बढ़ा सकते है। सिकंदर-ए-आज़म लिंग वर्धक की सबसे अचूक व अनोखी औषधि है उम्र की अधिकता के कारण या स्वास्थ्य नवयुवक शौकीन लोग भी सिकंदर-ए-आज़म प्लस का सेवन करके अपनी मर्दाना ताकत कई गुना बढ़ा सकते है। मधुमेह के रोगी भी काम शक्ति कोर्ष का सेवन कर कमजोरी दूर कर सकते है।

लिंग छोटा,पतला व टेड़ा होने के कारण

हमारा लिंग सामान्यता तीन प्रकोष्ठ (चैंबर) में बटा होता है जिनमे दो भाग कोपर्स केवेरनोसम (Corpus Cavernosum) व एक कोपर्स स्पोंजीयोसम (Corpus Spongiosum)जिनमे इसमें लिंग के उपरी भाग में दो बड़े बड़े प्रकोष्ठ होते हैं ये दोनों प्रकोष्ठ मिलकर कोपर्स केवेरनोसम के इरेक्टाइल टिशु का गठन करता है जोकि लिंग के उत्थान में सहायता करता है . यदि व्यक्ति हस्तमैथुन करता है तब हाथ की रगढ़ व दबाव से कोपर्स केवेरनोसम शतिग्रस्त हो जाते हैं जिससे लिंग के बड़े प्रकोष्ट (कार्पस केवेरनोसम) में रक्त इकट्टा नही हो पता जिससे लिंग में उत्तेजना आनी बंद हो जाती है और लिंग की वृद्धि भी रुक जाती है दूसरी तरफ यदि कार्पस केवेरनोसम में एक तरफ रक्त का प्रवाह अधिक होता है और दूसरी तरफ कम होता है तब लिंग में टेढ़ेपन की समस्या हो जाती है

सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल

यह शिकायत होना आजकल आम बात हो गई है। गलत आचार-विचार इसका प्रमुख कारण है। इस समस्या को दूर करने के लिए सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल बहुत अधिक प्रभावशाली है यह एक हर्बल कैप्सूल है जो लिंग आकार और कामेच्छा बढ़ाता है. यह अनूठा लिंग वृद्धि कैप्सूल समय से पहले थकना या पतन हो जाना आदि समस्याओं को भी दूर करता है. यदि आप जब प्यार करने से शर्मिंदा हो रहे हैं, वहाँ केवल एक ही विकल्प है यानी सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल
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यह प्राकृतिक रूप से लिंग की वृधि के लिए भी काम करता है दैनिक रूप से एक कैप्सूल, नयी उमंग नया जोश पैदा करता है साथ ही पुरुषों में नपुंसकता की सारी समस्याओं को दूर करता है. सिकंदर आजम कैप्सूल, सिर्फ एक बार एक दिन में सेवन करने से यह लिंग में रक्त प्रवाह को तीर्व कर देता है और कार्पस केवेरनोसम नामक उतक में रक्त इकट्टा होकर लिंग का आकर बढ़ा देता है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस हर्बल कैप्सूल फार्मूले की मदद से आप पहले से कहीं ज्यादा बेहतर सेक्स करने में सफल होंगे. अब तक दुनिया भर के लाखों पुरुषों को प्राकृतिक रूप से लाभ पहुंचा चूका है.
सिकंदर-ए-आज़म प्लस (महीने से अधिक) के लगातार उपयोग पुरुष बांझपन के मामलों में मदद करता है, सिकंदर आजम की कार्रवाई स्थायी है. यह भी दीर्घकालिक लाभ है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस मधुमेह के रोगियों के लिए प्रभावी है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस शक्तिशाली पोषक तत्वों और शक्तिशाली जड़ी बूटी का मिश्रण है. वह लिंग का आकार बढ़ाने के लिए और यौन प्रदर्शन को बढ़ावा देने के साथ विकसित की है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस को लिंग बढ़ाने के लिए और लिंग के लिए रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया थाए निर्माण के दौरान और लिंग का आकार दृढ़ता बढ़ रही है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस एक जड़ी बूटियों है जो लंबी अवधि के प्रभाव के लिए लिया जाना जाता है!
यह प्राकृतिक रूप से लिंग की वृधि के लिए भी काम करता है दैनिक रूप से एक कैप्सूल, नयी उमंग नया जोश पैदा करता है साथ ही पुरुषों में नपुंसकता की सारी समस्याओं को दूर करता है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल, सिर्फ एक बार एक दिन में सेवन करने से यह लिंग में रक्त प्रवाह को तीर्व कर देता है और कार्पस केवेरनोसम नामक उतक में रक्त इकट्टा होकर लिंग का आकर बढ़ा देता है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस हर्बल कैप्सूल फार्मूले की मदद से आप पहले से कहीं ज्यादा बेहतर सेक्स करने में सफल होंगे. अब तक दुनिया भर के लाखों पुरुषों को प्राकृतिक रूप से लाभ पहुंचा चूका है.
सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल एक हर्बल दवा है जो सेक्स की अपक्षयी जटिलताओं और यौन प्रदर्शन तथा सहनशक्ति में वृद्धि करता है तथा सेक्स करते समय आ रही सभी समस्याओं से मुक्ति दिलाने में आपकी मदद करता है. सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल सुरक्षित और प्रभावी है यह कामेच्छा बढ़ाता है. यह एक अनूठा कैप्सूलहै जो समय से पहले थकना या शीघ्र पतन हो जाना आदि समस्याओं को भी दूर करता है.
सिकंदर-ए-आज़म प्लस एक 100% हर्बल जड़ी बूटी युक्त एक कैप्सूल के रूप में दवाई है जोकि सेक्स करते समय व्यक्ति के शरीर में होने वाली कमजोरी, लिंग में तनाव की कमी, शरीर में दर्द, आदि शिकायतों से राहत प्रदान करने में मदद करता है
सिकंदर-ए-आज़म प्लस कैप्सूल के लाभ
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ऊपर लिखी सारी बातें आपको सस्ते साहित्य में मिल जायेंगी और उनका समाधान करने वालो के विज्ञापन भी। सेक्स समस्या के बारे में सही जानकारी हो तो आप किशोरावस्था में आने वाले तूफानों का भी आनंद ले सकेंगे और तनाव मुक्त रह सकेंगे लेकिन जानकारी ग़लत हो तो भटकाव निश्चित है। फूटपाथ पर बिकने वाले सस्ते साहित्य से बचे। फिल्मे देखकर किसी कास्सिनोवा (Casanova) या सुपरमैन (Superman) की भ्रान्ति न पाले। यदि किसी तरह की लिंग व् सेक्स सम्बन्धी शंका या समस्या है तो हमसे मिले। यदि किसी तरह का डर, ग्लानी, या विवाह के पश्चात आने वाली किसी समस्या का डर है तो तुंरत हमसे संपर्क करे।
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